नई दिल्ली. दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल की मेट्रो सेवा अपनी तेज़, समयनिष्ठ और विश्वसनीय सर्विस पूरे विश्व में विख्यात है. इसे सियोल की लाइफ लाइन माना जाता है और लाखों यात्री रोजाना इसका इस्तेमाल एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में करते हैं. हर मौसम सियोल सबवे ट्रेने लगभग राइट टाइम पर ही होती हैं. लेकिन, पिछले सोमवार को एक ट्रेन कंडक्टर का केवल चार मिनट के लिए बाथरूम में गया तो पूरे सब-वे सिस्टम में खलबली मच गई. इस वजह से 125 ट्रेनें लेट हो गईं और उनका टाइम टेबल बदलना पड़ गया.
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दरअसल, हुआ यूं कि सुबह करीब 8 बजे सियोल की लाइन 2 पर एक ट्रेन कंडक्टर को अचानक लघुशंका के लिए शौचालय जाना पड़ा. उसने एक स्टेशन पर गाड़ी रोकी. उस स्टेशन पर शौचालय दूसरी मंजिल पर था. इसलिए उसको टॉयलेट का यूज करने के लिए ज्यादा समय लगा. हालांकि, वह 4 मिनट में वापस आ गया था, लेकिन इस छोटे से ब्रेक ने पूरे मेट्रो नेटवर्क की समय सारणी बिगाड़ दी. रुकी हुई ट्रेन के कारण सर्कुलर लाइन पर चलने वाले 125 ट्रेनें भी लेट हुई. कुछ ट्रेनें उस दिन 20 मिनट तक की देरी से भी चली. शहर के बिजी ट्रांसपोर्ट सिस्टम को देखते हुए ट्रेन का इस प्रकार लेट होना बिल्कुल भी वहां के लोगों के लिए बिल्कुल भी स्वीकार करने योग्य नहीं था.
सियोल की मेट्रो सिस्टम अपनी समयबद्धता के लिए प्रसिद्ध है. ऐसे में एक छोटी सी रुकावट भी पूरी प्रणाली को प्रभावित कर सकती है. सियोल मेट्रो में ऑपरेटरों को अक्सर लंबी शिफ्टों में बिना ब्रेक के काम करना पड़ता है. वे करीब 3 घंटे तक बिका किसी ब्रेक के काम करते हैं.
ट्रेन में होते हैं आपातकालीन शौचालय
सियोल में चलने वाली मेट्रो ट्रेनों में ट्रेन चलाने वाले स्टाफ के लिए आपातकालीन शौचालय होते हैं. लेकिन, ये ज्यादा कारगर नहीं होते और अक्सर ट्रेन कंडक्टर स्टेशन पर मौजूद शौचालयों का ही इस्तेमाल करते हैं. लाइन 2 पर जिस स्टेशन पर कंडक्टर ने गाड़ी रोकी, वहां शौचालय दूसरी मंजिल पर होने की वजह से सारा खेल बिगड़ गया. अगर टॉयलेट जहां ट्रेन रूकी, वहीं होता तो कंडक्टर को ज्यादा समय नहीं लगता और किसी तरह की दिक्कत नहीं होती.